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April to June 2026 Article ID: NSS9924 Impact Factor:8.05 Cite Score:24 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
स्मार्ट सिटी मिशन का स्थानीय आर्थिक विकास पर प्रभाव: उज्जैन शहर के विशेष संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
आभा चौरसिया
शोधार्थी, मध्यप्रदेश सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान, उज्जैन (म.प्र.)
शोध सारांश- भारत में तीव्र शहरीकरण
के परिणामस्वरूप शहरों के समक्ष आधारभूत अवसंरचना, परिवहन, पर्यावरण, सार्वजनिक सेवाओं तथा आर्थिक विकास
से संबंधित अनेक चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। इन चुनौतियों के समाधान हेतु भारत
सरकार द्वारा वर्ष 2015
में
स्मार्ट सिटी मिशन का शुभारंभ किया गया, जिसका
उद्देश्य शहरों को प्रौद्योगिकी-सक्षम, नागरिक-केंद्रित, समावेशी एवं सतत विकास
के मॉडल के रूप में विकसित करना है। मध्यप्रदेश का प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक
नगर उज्जैन भी इस मिशन के अंतर्गत चयनित शहरों में शामिल है, जहाँ महाकाल लोक
परियोजना,
स्मार्ट
सड़कें, एकीकृत कमांड एवं
कंट्रोल सेंटर,
सार्वजनिक
सुविधाओं के उन्नयन,
डिजिटल
सेवाओं के विस्तार तथा शहरी आधारभूत संरचना के विकास जैसे अनेक कार्य संपादित किए
गए हैं। इन पहलों ने न केवल शहर के भौतिक स्वरूप में परिवर्तन किया है, बल्कि स्थानीय
अर्थव्यवस्था,
पर्यटन, व्यापार, सेवा क्षेत्र तथा
रोजगार सृजन पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है।प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य
उज्जैन स्मार्ट सिटी मिशन के आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण
करना है। अध्ययन में द्वितीयक स्रोतों के साथ-साथ उज्जैन स्मार्ट सिटी परियोजना से
संबंधित उपलब्ध प्राथमिक आँकड़ों का विश्लेषण किया गया है। शोध का मुख्य फोकस
स्थानीय व्यापार,
पर्यटन, निवेश, रोजगार, आय सृजन तथा शहरी
आर्थिक गतिविधियों में आए परिवर्तनों का मूल्यांकन करना है। अध्ययन से स्पष्ट होता
है कि स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत विकसित अवसंरचना एवं डिजिटल सेवाओं ने धार्मिक
पर्यटन को प्रोत्साहित किया,
जिसके
परिणामस्वरूप होटल,
परिवहन, खुदरा व्यापार, लघु उद्यम तथा सेवा
क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हुआ। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक सुविधाओं
में सुधार,
निवेश के
अनुकूल वातावरण तथा बेहतर शहरी प्रबंधन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान
की है। यद्यपि स्मार्ट सिटी मिशन ने उज्जैन के आर्थिक विकास में सकारात्मक योगदान
दिया है, तथापि दीर्घकालिक एवं
समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय उद्यमिता, कौशल विकास, हरित अवसंरचना, नागरिक सहभागिता तथा
सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को अधिक प्रोत्साहन प्रदान करना आवश्यक है। अध्ययन का
निष्कर्ष है कि यदि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को स्थानीय आवश्यकताओं, सांस्कृतिक विरासत तथा
सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप क्रियान्वित किया जाए, तो वे शहरी आर्थिक विकास के
प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो सकती हैं।
कुंजी शब्द:स्मार्ट सिटी मिशन, उज्जैन, आर्थिक विकास, शहरी अर्थव्यवस्था, धार्मिक पर्यटन, रोजगार सृजन, आधारभूत अवसंरचना, सतत विकास।
