• April to June 2026 Article ID: NSS9926 Impact Factor:8.05 Cite Score:8 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    रायगढ़ नगर की जनसंख्या संरचना

      छतेश्वरी चैहान
        शोधार्थी (भूगोल) एस. आर. यू. , रायपुर (छ.ग.)
      डॉ. सुनीता सोनवानी
        प्रोफेसर (भूगोल) एस. आर. यू. , रायपुर (छ.ग.)

प्रस्तावना-  मनुष्य पृथ्वी के विभिन्न - क्षेत्रों में रहने वाले लोगों (जनसंख्या) के संवर्धन में मानव जीवन की विकास यात्रा प्राचीन काल से ही रही है। किन्तु एक विज्ञान के रूप में जनसंख्या का अध्ययन विशेषतः आधुनिक काल में हुआ है। प्राचीन काल से लेकर मध्यकाल तक प्रशासनिक, सैन्य, आर्थिक व राजनीतिक आदि उद्देश्यों से जनसंख्या सम्बन्धी सूचनाओं के संग्रह की परम्परा रही, जो प्रायः अनुमानों तथा व्यावहारिक आवश्यकताओं पर आधारित होती थी एवं विभिन्न सामाजिक विज्ञानों में जन स्वरूप पिछले तीन-चार दशकों में भूगोल को एक सामाजिक विज्ञान का स्थान प्रदान किया जाने लगा। इस प्रकार अब भौतिक अध्ययन के पूर्व के स्थान पर मानव को अधिक महत्व दिया जाने लगा है। जनसंख्या तथा उससे सम्बन्धित समस्याओं की व्यापकता के कारण अध्ययन के उद्देश्यों में भौगोलिक दृष्टि से विविधता बढ़ी है और मानव भूगोल के अनेक उपशाखाएँ एवं उपविषय विकसित हुए हैं जिनमें जनसंख्या भूगोल भी एक है। यह भूगोल की एक नवीन शाखा है जिसका विकास 1960 के बाद से अधिक हुआ।