• April to June 2026 Article ID: NSS9931 Impact Factor:8.05 Cite Score:4 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    स्वस्थ पारिवारिक संबंधों को बढ़ावा देने में पारिवारिक परामर्श की भूमिका: गृह विज्ञान के परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन

      रीना गौतम
        सहायक प्रोफेसर (गृह विज्ञान) शीएट पी.जी. महाविद्यालय, गहनी, वाराणसी, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, विश्वविद्यालय, वाराणसी (उ.प्र.)

शोध सारांश- परिवार मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाओं में से एक है। यह व्यक्ति को भावनात्मक सुरक्षा, सामाजिक समर्थन, देखभाल, पहचान, सामाजिक मूल्यों तथा पारस्परिक व्यवहार सीखने का अवसर प्रदान करता है। स्वस्थ पारिवारिक संबंध परिवार के सदस्यों के शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक, सामाजिक तथा समग्र कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। किंतु वर्तमान समय में परिवार अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बदलती पारिवारिक संरचना, आर्थिक दबाव, व्यावसायिक तनाव, बदलती लैंगिक भूमिकाएँ, पीढ़ियों के बीच अंतर, पालन-पोषण संबंधी कठिनाइयाँ, तकनीकी निर्भरता, संवाद की कमी तथा परिवार के सदस्यों की बदलती अपेक्षाएँ पारिवारिक संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं। यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान न किया जाए, तो परिवार में तनाव, मतभेद, भावनात्मक दूरी और असंतोष उत्पन्न हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में पारिवारिक परामर्श स्वस्थ पारिवारिक संबंधों को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण साधन बन जाता है।

पारिवारिक परामर्श परिवार के सदस्यों को अपनी समस्याओं और भावनाओं को व्यक्त करने, एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने, संघर्षों का रचनात्मक समाधान खोजने तथा पारस्परिक सहयोग विकसित करने के लिए एक सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण प्रदान करता है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य गृह विज्ञान के परिप्रेक्ष्य में स्वस्थ पारिवारिक संबंधों को बढ़ावा देने में पारिवारिक परामर्श की भूमिका का अध्ययन करना है। गृह विज्ञान एक बहुआयामी विषय है, जिसमें मानव विकास, परिवार संसाधन प्रबंधन, स्वास्थ्य, पोषण, सामुदायिक विकास तथा जीवन की गुणवत्ता जैसे क्षेत्र सम्मिलित हैं। इसलिए पारिवारिक परामर्श का गृह विज्ञान से गहरा संबंध है। प्रस्तुत अध्ययन में पारिवारिक परामर्श की अवधारणा, पारिवारिक संबंधों का महत्व, पारिवारिक संघर्ष के कारण, संचार, संघर्ष समाधान, पालन-पोषण, अंतरपीढ़ी संबंध, परिवार संसाधन प्रबंधन तथा परिवार कल्याण में गृह विज्ञान की भूमिका का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति पर आधारित है तथा द्वितीयक स्रोतों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पारिवारिक परामर्श केवल संकट की स्थिति में उपचारात्मक उपाय नहीं है, बल्कि स्वस्थ, सहयोगी, सम्मानपूर्ण और सुदृढ़ परिवारों के निर्माण के लिए एक निवारक, शैक्षिक एवं विकासात्मक प्रक्रिया भी है।

शब्द कुंजी-पारिवारिक परामर्श, स्वस्थ पारिवारिक संबंध, गृह विज्ञान, पारिवारिक कल्याण, संचार, पारिवारिक समायोजन, संघर्ष समाधान, पालन-पोषण।