• July to September 2026 Article ID: NSS9943 Impact Factor:8.05 Cite Score:7 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    आदिवासी समुदाय की पारंपरिक औषधीय पद्धतियाँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनका प्रभाव

      डॉ सुल्तान मोरे
        सहायक अध्यापक (अर्थशास्त्र) पद्म श्री स्व कांता बहन त्यागी शासकीय महाविद्यालय, निवाली (म.प्र.)

शोध सारांश-  भारत में आदिवासी समुदाय सदियों से प्रकृति के साथ सहजीवन (Symbiotic relationship) स्थापित कर जीवन यापन करते आए हैं। इनके पारंपरिक ज्ञान में औषधीय पौधों का विशेष महत्व है। जंगलों में उपलब्ध जड़ी-बूटियों, पेड़ों, पौधों और खनिजों का उपयोग वे रोगों के उपचार में करते हैं। इस ज्ञान को एथ्नो-मेडिसिन (Ethnomedicine) या लोक-औषधि परंपरा कहा जाता है। यह परंपरा न केवल स्वास्थ्य संरक्षण में सहायक है बल्कि आदिवासी समाज की स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार भी है। वर्तमान समय में औषधीय पौधों का वैश्विक बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आदिवासी समुदायों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।यह शोध-पत्र आदिवासी समुदायों की औषधीय परंपराओं, उनके ज्ञान-स्रोत, औषधीय पौधों के उपयोग तथा इनसे उत्पन्न आर्थिक संभावनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

शब्द कुंजी-आदिवासी समुदाय, पारंपरिक औषधीय पद्धतियाँ, एवं भारतीय अर्थव्यवस्था ।