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October to December 2025 Article ID: NSS9968 Impact Factor:8.05 Cite Score:46 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9968 View PDf
उदयपुर के सांस्कृतिक जीवन में आधुनिकीकरण के प्रभाव: परंपरा, परिवर्तन और निरंतरता का ऐतिहासिक अध्ययन
मोनिका चौधरी
शोधार्थी, भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)डॉ. नरेंद्र सिंह राणावत
सहायक आचार्य (इतिहास) भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)
शोध सारांश- मेवाड़ की ऐतिहासिक राजधानी
उदयपुर राजस्थान के प्रमुख सांस्कृतिक नगरों में से एक है।यहां की राजकीय परंपराओं,
धार्मिक आस्थाओं, लोक कलाओं, लोकगीतों, त्योहारों, वेशभूषा, खान-पान आदि का यहां की
सांस्कृतिक पहचान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।आजादी के बाद नगरीकरण, औद्योगिकीकरण,
परिवहन, संचार, शिक्षा, पर्यटन तथा सूचना और प्रौद्योगिकी के विस्तार ने उदयपुर के
सामाजिक तथा सांस्कृतिक जीवन में आमूलचूल परिवर्तन किए हैं। इस शोध पत्र का उद्देश्य
उदयपुर के सांस्कृतिक जीवन में आधुनिकीकरण के प्रभाव का ऐतिहासिक तथा विश्लेषणात्मक
अध्ययन करना है। इस अध्ययन में प्राथमिक तथा द्वितीयक स्रोतों,प्रकाशित साहित्य सामग्री,
सामाजिक अध्ययनों का उपयोग किया गया है।
इस
अध्ययन से यह स्पष्ट हो जाता है कि आधुनिकीकरण के कारण पारिवारिक जीवन, सामाजिक संबंधों,
वेशभूषा, खानपान, लोक कलाओं और त्योहारों के स्वरूप परिवर्तित तो हुए हैं परंतु परंपराएं
अभी समाप्त नहीं हुई है। इन सभी सांस्कृतिक रूपों ने स्वयं को आधुनिक परिस्थितियों
में पुनर्गठीत किया है। डिजिटल माध्यमों ने लोक कलाओं तथा सांस्कृतिक विरासत को एक
नया मंच प्रदान किया। इस प्रकार उदयपुर के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया परिवर्तन, अनुकूलन
और सांस्कृतिक निरंतरता का संयुक्त प्रभाव है।
शब्द कुंजी-उदयपुर, मेवाड़, आधुनिकीकरण,
लोक संस्कृति, पर्यटन, परंपरा।
