• July to September 2026 Article ID: NSS9984 Impact Factor:8.05 Cite Score:27 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    डिजिटल युग में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव : एक समस्या-आधारित समाजशास्त्रीय अध्ययन

      माया कनासे
        सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) स्वामी अमूर्तनंद शासकीय महाविद्यालय, अंजड़, जिला–बड़वानी (म.प्र.)

शोध सारांश-  वर्तमान समय को डिजिटल युग एवं सूचना क्रांति के रूप में जाना जाता है। यह एक महत्वपूर्ण और तेजी से बदलता हुआ युग है। इंटरनेट, स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल मनोरंजन तथा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। डिजिटल तकनीक ने शिक्षा, रोजगार, संचार और मनोरंजन के क्षेत्र में अनेक सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं, लेकिन इसके अत्यधिक एवं अनियंत्रित उपयोग से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विभिन्न प्रकार के प्रभाव भी दिखाई दे रहे हैं। लगातार मोबाइल का उपयोग, सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताना, दूसरों से स्वयं की तुलना करना, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन मान्यता प्राप्त करने की इच्छा, नींद में कमी तथा डिजिटल निर्भरता जैसी समस्याएँ युवाओं में तनाव, चिंता, अकेलापन, चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास में कमी का कारण बन सकती हैं।

            प्रस्तुत समाजशास्त्रीय अध्ययन का उद्देश्य डिजिटल युग में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रमुख सामाजिक समस्याओं को समझना तथा डिजिटल तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि डिजिटल तकनीक स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका अत्यधिक, असंतुलित एवं असुरक्षित उपयोग सामाजिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन सकता है। डिजिटल साक्षरता, समय-प्रबंधन, परिवार एवं शिक्षकों का सहयोग तथा स्वस्थ डिजिटल आदतें इस समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

शब्द कुंजी- युवा, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल युग, सोशल मीडिया, इंटरनेट, स्मार्टफोन, तनाव, चिंता, डिजिटल निर्भरता।