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July to September 2026 Article ID: NSS9991 Impact Factor:8.05 Cite Score:8 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
शिक्षक प्रशिक्षक पाठ्यक्रम के इंटर्नशिप कार्यक्रम के प्रति प्रतिक्रियाओं का अध्ययन
डॉ. गंगाराम वास्केल
सहायक प्राध्यापक, शिक्षा अध्ययनशाला, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर (म.प्र.)डॉ. रामदास लखोरे
सहायक प्राध्यापक, शिक्षा अध्ययनशाला, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर (म.प्र.)
शोध सारांश- शिक्षा व्यवहारिक जीवन
का आधार है। शिक्षा में आधुनिकता एवं नवाचारों पर बल दिया जा रहा है। वर्तमान की शैक्षिक
आवश्यकता भी गुणात्मक व व्यवहारिक शिक्षा की ओर ध्यान इन्गित करती है। इस हेतु एक कुशल
शिक्षक शिल्पी की भाँति होना चाहिए। बालक के जीवन की नींव रखने में शिक्षा महत्वपूर्ण
भूमिका निभाती है। शिक्षा की भूमिका तब अधिक उपयोगी हो जाती है, जब विद्यार्थियों की
निष्पत्ति में वृद्धि करना आवश्यक हो जाये। भविष्योंमुखी परिवर्तनों से शिक्षा भी अछुती
नहीं रही है और साथ ही शिक्षक शिक्षा का स्वरूप भी अमूलचुल परिवर्तनों से नहीं बच पाया
है। शिक्षक-शिक्षा देश की संघीय सूची का महत्वपूर्ण हिस्सा है परन्तु शिक्षक शिक्षा
को नीतिगत और विधिक ढाँचा केन्द्रिय सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। शिक्षा की गुणवत्ता
व प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए शिक्षक-प्रशिक्षणार्थी के शिक्षण में इंटर्नशिप का महत्वपूर्ण
योगदान है। इंटर्नशिप शिक्षक-प्रशिक्षणार्थी को शिक्षा के वास्तविक प्रशिक्षण से अवगत
कराने में अहम् भूमिका निभाती है। इंटर्नशिप शिक्षक- प्रशिक्षणार्थियों को विद्यालय
में शिक्षा के साथ-साथ संचालित होने वाली विभिन्न गतिविधियों के वास्तविक अनुभव अर्जित
करने में सहायता करती है। शिक्षक प्रशिक्षणार्थियों को विद्यालयी जीवन में होने वाले
विभिन्न शैक्षणिक एवं पाठ्यचर्यागामी क्रियाकलापों, गतिविधियों व उत्तरदायित्वों को
पूर्णरूप से समझने, सीखने व प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था का नाम ही ’’इन्टर्नशिप’’
है। अतः बी. एड. पाठ्यचर्या में इंटर्नशिप की अवधारणा ‘‘वास्तविक अनुभव वास्तविक परिस्थिति''
के सिद्धांत का अनुकरण करती है।
