-
April to June 2025 Article ID: NSS9993 Impact Factor:8.05 Cite Score:4 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण में पंचायती राज की भूमिका
डॉ. अमित मेहता
सह-आचार्य (इतिहास) राजकीय कला महाविद्यालय, सीकर (राज.)
शोध सारांश- भारत गाँवों का देश है।
2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ 640867 गाँव है। इन गाँवों में देश की 68.8 प्रतिशत
आबादी रहती है। यह आबादी भारत की रीढ़ कही जा सकती है। जो निम्न वर्ग से सम्बन्धित है,
और देश के विकास को आधार प्रदान करती हैं। ग्रामीण स्वयं अभाव का जीवनयापन कर और स्वयं
को शहरी चमक-दमक से दूर कर देश के विकास को ऊँची बुलन्दियों को छूने में मदद करता है।
अतः देश के विकास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होना अत्यंत आवश्यक है। जिससे
कि ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे ग्रामीण नगरीय पलायन को कम किया जा सके। अतः उपरोक्त
अध्ययन ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्थानीय स्वशासन द्वारा ग्रामीणों को प्राप्त
हो रहे लाभों का एक समाजशास्त्रीय अध्ययन है।
शब्द कुंजी-ग्रामीण विकास, स्थानीय
स्वशासन, निर्धनता, आर्थिक विकास।
